—सभी मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश बक्सर खबर। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि “May I Help You” काउंटर पर आम जनता को पंजीकरण से संबंधित जानकारी सुलभ कराई जाए। साथ ही रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास ही सामान्य और “Scan & Share” पंजीकरण के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के क्रम में मरीजों ने शिकायत की कि डॉ. दीनानाथ सिंह, पीडियाट्रिशन नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित नहीं रहते। इस पर जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि डॉ. सिंह की बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। निरीक्षण में पाया गया कि चिकित्सकों का रोस्टर कहीं प्रदर्शित नहीं है।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को कारण बताने के निर्देश दिए और आदेश दिया कि डॉक्टरों का रोस्टर स्पष्ट स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए। साथ ही ओपीडी वार्ड में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने की हिदायत दी। वर्तमान में अल्ट्रासाउंड सेवा केवल गर्भवती महिलाओं के लिए उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को आदेश दिया कि अन्य मरीजों के लिए भी अल्ट्रासाउंड सुविधा का शीघ्र प्रबंध किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इमरजेंसी सेवा, प्रसव सुविधा, मातृ शिशु स्वास्थ्य टीकाकरण, दवाओं का उचित रखरखाव और उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटर, शौचालय, पेयजल सुविधा और साफ-सफाई का नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।