-अहिंसा, करुणा और एकता के प्रतीक थे सम्राट अशोक: अभिमन्यु कुशवाहा
बक्सर खबर। चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर कुशवाहा महासंघ के बैनर तले शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की शुरुआत पिप्पली बुद्ध विहार स्थित बुद्ध मूर्ति से की गई, जहां से शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः वहीं आकर एक विचार गोष्ठी में तब्दील हो गई। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता अभिमन्यु कुशवाहा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज जब समाज में भेदभाव और संकीर्णता बढ़ रही है, ऐसे समय में सम्राट अशोक के विचारों को पुनः जागृत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक ऐसे सम्राट थे, जिन्होंने युद्ध की विभीषिका को समझ कर अहिंसा, धर्म और न्याय को अपनाया और पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित कराया। शोभायात्रा की शोभा देखते ही बन रही थी। सबसे आगे रथ पर सम्राट अशोक की तस्वीर, उसके पीछे गौतम बुद्ध की प्रतिमा वाले रथ पर भंते लोग सवार थे। चार अन्य रथों, घोड़ों, दर्जनों कारों और जीपों के साथ भारी संख्या में मोटरसाइकिल सवार और लोग झंडे-पताकाओं के साथ “सम्राट अशोक अमर रहें” के नारों से गगन गुंजा रहे थे।

यह यात्रा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर ज्योति प्रकाश चौक, मॉडल थाना, पीपी रोड, अस्पताल रोड, मेन रोड, यमुना चौक, पुलिस चौकी, कॉलेज गेट, जेल पाइन रोड होते हुए पिप्पली बुद्ध विहार पहुंची, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में दीपक मौर्य, रवि मौर्य, संतोष कुशवाहा, रंजीत कुशवाहा, मुन्ना कुशवाहा, जयप्रकाश सिंह, राहुल मौर्य, अविनाश मौर्य, जेपी कुशवाहा, पंजाबी कुशवाहा, वीर बहादुर सिंह, पुष्पेंद्र कुशवाहा, सुनील कुशवाहा, मुखिया कुशवाहा, दिनानाथ ठाकुर, सोनू कुशवाहा, विनोद कुमार सिंह, गौरी कुशवाहा, विद्यासागर सिंह सहित कई अन्य लोगों का योगदान उल्लेखनीय रहा।