बक्सर खबर। सिमरी प्रखंड के मानिकपुर गांव में 9 मई को सुनील पांडेय की हत्या हुई थी। सूचक उपेन्द्र ठाकुर के बयान पर छह लोग इस हत्या कांड में नामजद किए गए थे। घटना के एक दिन दूसरे पक्ष ने भी प्राथमिकी दर्ज कराई। उन लोगों की तरफ से कुछ ज्यादा ही लोगों का नाम इस मुकदमें में दिया गया। इस हत्या को हुए एक माह से अधिक का समय गुजर गया है। लेकिन, पुलिस जांच कर रही है, कोई अभियुक्त हिरासत में नहीं आया।
अलबत्ता एक ने न्यायालय में समर्पण किया तथा एक ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है। लेकिन जो लोग रसुखदार हैं। वे पुलिस-पुलिस खेल रहे हैं। क्योंकि वे जानते हैं न्यायालय से बेहतर है पुलिस के साथ तालमेल बनाया जाए। प्राथमिकी के सूचक उपेन्द्र ठाकुर इससे बहुत आहत हैं।
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उन्होंने बताया मैं एसपी से मिला था। केस के अनुसंधान कर्ता को बदलने का आग्रह किया। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। फिलहाल मुख्य आरोपी विष्णु शंकर राय व अक्षयबर यादव अपने-अपने घर में देखे जा रहे हैं। सूचना देने पर पुलिस का कहना है जांच चल रही है। अर्थात चश्मदीद की बात को नजरंदाज किया जा रहा है। वहीं सूत्रों ने बताया पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष अक्षयबर यादव ने डाक से आवेदन भेज पुलिस से जांच की मांग की है। उनका कहना है मेरे मोबाइल का लोकेशन चेक कर लिया जाए। मैं घटना के दिन वहां नहीं था।
सूत्रों की माने तो पुलिस ने उनके आवेदन पर जांच भी शुरू कर दिया है। उनको फोन का सीडीआर भी मंगा लिया गया है। इस कानूनी खेल में कुछ पुलिस वाले उनका साथ दे रहे हैं। लेकिन फोन लोकेशन किसी को बेगुनाह साबित कर दें तो यह अपने तरह का चौंकाने वाला केस होगा। बहरहाल जांच में क्या सामने आता है। यह तो वक्त जाने लेकिन पीडि़त पक्ष का कहना है हम इसके खिलाफ न्यायालय जाने की तैयारी में हैं।